5 जून 2020 कबीर साहेब प्रकट दिवस

कबीर साहेब जी ने कहा है कि मनुष्य जन्म बहुत अनमोल है इसे शास्त्र विरुद्ध साधना करके व्यर्थ नहीं करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य जन्म बार बार नहीं मिलता।
 मानुष जन्म दुर्लभ है, ये मिले ना बारंबार।
 जैसे तरवर से पत्ता टूट गिरे, वो बहुर न लगता डार।।

 अद्भुत ज्ञान परमात्मा का
 कबीर साहेब ने हमे अक्षर पुरुष, क्षर पुरुष और तीनों देवता की स्थिति का वर्णन इस वाणी के द्वारा समझाया है।
 कबीर, अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार।
 तीनों देवा शाखा हैं, ये पात रूप संसार।।
कबीर परमेश्वर ने ही यथार्थ ज्ञान बताया कि ब्रह्मा विष्णु महेश की जन्म और मृत्यु होती है, ये अविनाशी नहीं है।
 यही प्रमाण श्रीमद्देवी भागवत पुराण, स्कंद 3, अध्याय 5 में है।
 कबीर परमेश्वर ने बताया कि ब्रह्मा, विष्णु, महेश की भी जन्म तथा मृत्यु होती है। इनकी माता दुर्गा तथा पिता काल (ब्रह्म) हैं।
 कबीर, मां अष्टंगी पिता निरंजन, ये जम दारुण वंशन अंजन।
 तीन पुत्र अष्टंगी जाए, ब्रह्मा विष्णु शिव नाम धराए।

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