मीरा बाई को शरण में लेना

             मीरा बाई को शरण में लेना
 मीरा बाई पहले श्री कृष्ण जी की पूजा करती थी। एक दिन संत रविदास जी तथा परमात्मा कबीर जी का सत्संग सुना तो पता चला कि श्री कृष्ण जी नाशवान हैं। समर्थ अविनाशी परमात्मा अन्य है। संत रविदास जी को गुरू बनाया। फिर अंत में कबीर जी को गुरू बनाया। तब मीरा बाई जी का सत्य भक्ति बीज का बोया गया।
 गरीब, मीरां बाई पद मिली, सतगुरु पीर कबीर।
 देह छतां ल्यौ लीन है, पाया नहीं शरीर।।
 

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